वास्तु परामर्श की आवश्यकता और महत्व

मकान तो कई व्यक्ति बनाते हैं परंतु उसमे कितने व्यक्ति सुखी रह पाते हैं यह एक विचारणीय प्रश्न है हम देखते हैं कि कई व्यक्तियों ने मकान बनवाने के बाद, नए आफिस में जाने के बाद खूब विकास किया तो कई ने अपने वर्षों की कमाई खो दी । कुछ ने उत्तम स्वास्थ्य पाया तो कइयों ने नए नए रोग पाए ।यह सब क्या हुआ ?? कैसे हुआ ?? इसका जवाब पाने के लिए हमें वास्तु शास्त्र की शरण मे जाना होगा । प्रश्न यह है कि क्या हमने मकान बनाने के पहले वास्तु के नियमो को ध्यान में रखा ??? क्या वास्तु की रूप रेखा के अनुसार भवन बनवाया ??? हम लाखों रुपये लगाकर मकान तो बनवा लेते हैं पर कुछ रुपये बचने के चक्कर मे किसी वस्तु शास्त्री से परामर्श लेना जरूरी नही समझते ।

एक विचारणीय बात है यदि हमारी नाक उसकी सही जगह पर न होकर कुछ दाएं या कुछ बाएं या कुछ ऊपर या नीचे हो तो क्या हम ठीक प्रकार से सांस ले पाएंगे ??? शरीर का कोई भी अंग यदि अपनी सही जगह पर न हो तो हम उसका सही उपयोग नही कर सकते और रोगग्रस्त हो जाते हैं । ठीक इसी प्रकार वास्तु शास्त्र में किसी भी निर्माण को प्रारंभ करने के पूर्व इस बात का यथासंभव अध्ययन कर सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि जमीन परीक्षण से लेकर प्लानिंग तक सभी कार्य वास्तु नियम के अनुसार हुए हैं ताकि प्रकृति का सहयोग प्राप्त हो सके । इस प्रकार निर्माण कार्य के पूर्व कुशल वास्तु शास्त्री का परामर्श आवश्यक है ।

वास्तुविद गौरव गुप्ता
संस्थापक : वास्तु दुनिया ग्रुप ।

ऐसी ही रोचक जानकारी के लिए हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

Fb page link :
www.facebook.com/vaastudunia

Share:

Enquire Now